सुबह जब कमल को जाग आयी तो करीब सुबह के 6बज रहे थे, अब्दुल और कमल के जिस्म पर एक भी कपडा नही था दोनो बिल्कुल नंगे थे। अब्दुल अब भी सो रहा था और कमल उसे गौर से देख रही थी। एकाएक कमल की नज़र अब्दुल के काले लंड पर पड़ी जो निचे की तरफ लटका हुआ था, कमल उठी और गौर से अब्दुल ले लंड को देखने लगी, लंड सोया हुआ था लेकिन फि भी उसकी लम्बाई करीब 7इन्च तक थी और निचे अब्दुल के भरी भरकम काले गोटे भी लटक रहे थे। कमल उसे देखे जा रही थी और हल्के हाथ से उसे टच कर रही थी, साथ मे मुस्कुरा भी रही थी, कमल को खुद पर नाज भी हो रहा था के उसकी चुत की सील एक घोड़े जेसे लंड वाले मर्द ने तोडी थी। कमल ने लंड पर हल्का सा किस्स किया और फिर बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गयी। फ्रेश होकर कमल अप्ने कमरे मे गयी और व्हा से हल्का गुलाबी रंग का सुईट पहन लिया, चुकि अज रविवार था तो कमल को ऑफिस से छुट्टी थी, कमल ने अब अपने और अब्दुल के लिये कॉफ़ी बनाई और वापिस अब्दुल के कमरे मे आ गयी, उसने निचे से अब्दुल की लुंगी उठाई और अब्दुल के लंड पर रखते हुए अब्दुल को जगाने लगी, “अब्दुल मियां उठो देखो सुबह हो गयी।” अब्दुल जागा तो देखा कमरे की विंडो से सूरज की किरने अन्दर आ रही थी। कमल ने कॉफी टेबल पर रख दी थी। अब्दुल उठा तो उसने देखा कमल गुलाबी रंग के सूट मे उसने बेठी थी और वह सिर्फ एक लुंगी मे था जो अभी अभी कमल ने उसके उपर दी थी।
“गुड मॉर्निंग सिख्नी” अब्दुल हस्ता हुआ कमल को बोला।
“गुड मॉर्निंग अब्दुल मियां, जाईये फ्रेश हो आईए, कॉफ़ी तैयार है आपकी” कमल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। जेसे ही अब्दुल उठा उसकी लुंगी निचे गिर पड़ी और वह नंगा हो गया जिसे देख कमल की हंसी निकल गयी। अब्दुल ने पहले खुद को देखा और फिर कमल को देखकर बोला, “हंसी क्यो सिख्नी, इसी मुस्लिम लुल्ले के निचे रात कराह रही थी तू”।
“कुछनही अब्दुल मियां बस उही हंसी निकल गयी” कमल ने जवाब दिया। अब्दुल उसी तरह बाथरूम मे चला गया, “आज संडे है तो ऑफिस बंद होगा सिख्नी का” अब्दुल ने बाथरूम से फ्रेश होते हुए कमल से पुछा।
“हा अब्दुल मियां आज छुट्टी है” कमल कॉफ़ी पीती हुई बोली।
“अब्दुल मियां, रात को तो तुम मुझे कुछ और ही नाम से पुकार रही थी मेरि सिख्नी” अब्दुल कमल से बोला। कमल समझ गयी के अब्दुल क्या सुनना चाहता है, “हा मेरे मुस्ले ओफिस बंद है आज। ” कमल ने जवाब दिया। इत्ने मे अब्दुल बाथरूम से बाहर आ गया और कमल के मुम्मे को कुर्ती के उपर से मस्ल्ता हुआ बोला, “तो हमारा ऑफिस चालू करले आज”। कमल ने अब्दुल की तरफ देखाऔर स्माइल देते हुए बोली, “पहले कॉफ़ी तो पिलो बाद मे पूरा दिन है मुस्ले ऑफिस के लिये”।
अब्दुल ने कमल का मम्मा मसला और कॉफ़ी पीने लगा। अब्दुल और कमल दोनो एक दुसरे को देखते हुए कॉफ़ी पी रहे थे के इत्ने मे कमल का फोन बजा।
“हेल्लो” कमल ने फोन उठाते हुए जवाब दिया।
“हेलो कमल मै गगन बोल रही हू” कमल की ओफिस फ्रेंड गगन का फ़ोन था।
“हा बोलो गगन” कमल ने जवाब दिया।
“अज संडे है तो खी घुम्ने चले, मूवी देखने” गगन ने पूछा।
“नही गगन मे नही आ पाओगी तू किसी और के साथ चली जा” कमल ने जवाब दिया।
“चल ना यार प्लीज मुझे तेरे बिना मजा नही आता” गगन कमल को बोली।
“मे बिज़ी हू गगन, नही जा पाओगी, सॉरी” कमल ने थोड़ा जोर दिया।
“अच्छा ठीक है फिर” कहते हुए गगन ने फोन काट दिया।
“कहा बिज़ी है आज सिख्नी” अब्दुल ने कमल की तरफ देखते हुए पूछा।
“कही नही मुस्ले, बस इस से पीछा छुड़वाने के लिये कहा था” कमल ने बोला।
“कौन थी वेसे ये तुमरि फ्रेंड” अब्दुल ने पूछा।
“ऑफिस फ्रेंड है मेरि गगनजीत, घुमने जाने के लिये कह रही थी” कमल ने जवाब दिया।
“गगनजीत, सिख्नी है क्या ये भी” अब्दुल ने पूछा।
“हा सिख्नी है, लेकिन तुम क्यो पूछ रहे हो” कमल अब्दुल की तरफ देखती हुई बोली।
“अरे कुछ नही बस उही पूछ रहा था मे तो” अब्दुल बोला।
“कोई तो बात है मुस्ले, सोच लेना अब अगर मुझे छोड़ किसी और पर लाईन मारी तो” कमल अब्दुल की तरफ देखती हुई बोली।
“अरे नही सिख्नी मे क़्यो लाईन मारने लगा, पुछा इसलिये के हो सक्ता है कल तेरी इस सिख्नी दोस्त को भी अगर मुस्ले की जरूरत पड़ी तो ढूंड दूंगा मे”। अब्दुल कमल को देख मुस्कुराता हुआ बोला।
“अच्छा, तो अब जोडियां बनाने काम भी करेगे आप” कमल हंस कर बोली।
“क़्यो नही जान अब शेरनी को कभी ना कभी तो शेर की जरूरत पड़ेगी ही ना, जेसे तुम और मे” अब्दुल कमल के पास आ गया।
“ह्ह्म्ं वेसे बात तो आपकी सही है मेरे मुस्ले” कमल खडी हो गयी थी। अब्दुल ने उसे कमर से पकड कर अपनी नजदीक किया, “तो केसा लगा फिर 23सिख्नी शेरनी को ये 40साल का शेर” अब्दुल ने कमल की आँखो मे देखकर पूछा।
“मस्त शेर है मेरे मुस्ले तू, एक दम धाकड़” कमल ने अब्दुल की छाती सहलाते हुए बोली।
“तो फिर अब कया खयाल है मेरि सिख्नी का” अब्दुल ने कमल का ध्यान अपने लंड की तरफ किया जो अब सर उठाने लगा था। लंड को देख कमल की आंखो मे भी काम उतेज्ना के डोरे साफ़ दिखायी दे रहे, इस से पहले के कमल कुछ बोल पाती अब्दुल ने अप्ना होंठ उसके होंठो पर लगा दिये और दोनो एक दुसरे को किस्स कर्ने लगे, और निचे अब्दुल ने एक झटके मे कमल की सलवार का नाड़ा खोल दिया जिस स्व सलवार कमल की चुत और गोरे चुत्द्दो का साथ छोड़कर निचे जा गिरी। अब्दुल कमल के होंठ चुस्ता हुआ उसके मुम्मे मसल रहा था, एकाएक अब्दुल पीछे हुआ और कमल की कुर्ती को खिच कर निकाल दिया जिस से कमल अब बिल्कुल नंगी हो चुकि थी। अब्दुल ने कमल को अप्ने लंड की तरफ इशारा करते हुए चुस्ने को बोला, कमल अब्दुल इशारा पाकर घुटनो के बल निचे बेठ गयी और अब्दुल लंड को हाथो मे लेकर सहलाते हुए उसे मुह मे लेकर चूसने लगी, “आह्ह्ह मेरि सिख्नी उउफ्फ्फ तेरा मुंह भी किसी चुत से कम नही” अब्दुल कमल को देखकर बोला। कमल तेज़ी से अब्दुल का लंड चुस्ते हुए उसके गोटे सहलाए जा रही थी, लंड कमल के मुंह और हाथों का सपर्श से परी तरह से तन चुका था।
Thursday, March 5, 2020
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